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52 भैरव मंत्र

  52 भैरव मंत्र भैरव भगवान शिव के ही एक रूप हैं। वे भक्तों के संकटों को दूर करने वाले और उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाले हैं। 52 भैरव मंत्र भगवान भैरव के 52 रूपों को समर्पित हैं। इन मंत्रों का जाप करने से भगवान भैरव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। 52 भैरव मंत्रों का महत्व 52 भैरव मंत्रों का महत्व बहुत ही अधिक है। इन मंत्रों का जाप करने से भगवान भैरव के सभी रूपों की कृपा प्राप्त होती है। इन मंत्रों का जाप करने से भक्तों के जीवन में शांति, समृद्धि और खुशहाली आती है। इन मंत्रों का जाप करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। 52 भैरव मंत्रों के प्रकार 52 भैरव मंत्रों को दो भागों में बांटा गया है: अष्ट भैरव मंत्र: अष्ट भैरव मंत्र भगवान भैरव के आठ रूपों को समर्पित हैं। इन मंत्रों का जाप करने से भगवान भैरव के आठ रूपों की कृपा प्राप्त होती है। चौंसठ भैरव मंत्र: चौंसठ भैरव मंत्र भगवान भैरव के चौंसठ रूपों को समर्पित हैं। इन मंत्रों का जाप करने से भगवान भैरव के चौंसठ रूपों की कृपा प्राप्त होती है। 52 भैरव मंत्रों का ...

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्य सिद्ध कुंजिका स्तोत्र एक शक्तिशाली मंत्र है जो देवी दुर्गा की स्तुति में लिखा गया है। इस स्तोत्र में देवी दुर्गा के उन भयंकर रूपों का वर्णन किया गया है जो राक्षसों का वध करती हैं और अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र को गुप्त मंत्र माना जाता है क्योंकि इसकी सिद्धि के लिए विशेष विधि का पालन करना होता है। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्यों में से एक यह है कि यह स्तोत्र सभी प्रकार के भय और दुखों को दूर करता है। यदि कोई व्यक्ति सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का नियमित रूप से जप करता है तो उसे किसी भी प्रकार के भय या दुख का सामना नहीं करना पड़ता है। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र शत्रुओं पर विजय दिलाने में भी सहायक होता है। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का एक गुप्त रहस्य यह भी है कि यह स्तोत्र भौतिक सुख-समृद्धि प्रदान करता है। यदि कोई व्यक्ति सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का नियमित रूप से जप करता है तो उसे धन , संपत्ति , यश और कीर्ति की प्राप्ति होती है। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र मोक्ष की प्राप्ति में भी सहायक होता है। सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के गुप्त रहस्यों में...